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महेश मांजरेकर की फिल्म का भारी विरोध

महेश मांजरेकर निर्देशित एन एच, स्टुडेंट तथा नियानब्बे प्रोडक्शन की फिल्म ‘ नाय वरण-भात लोंचा कोन नाय कोंचा’ पर पॉक्सो की धारा १३२ भादवि २९२ और महिला अधिनियम के हिंसक प्रदर्शन की धारा २ सी के तहत मामला दर्ज करने तथा आगामी १४ जनवरी को होने जा रहे इसके प्रदर्शन पर रोक लगाने की मांग तीव्र हो गई है। महाराष्ट्र भारतीय महिला शक्ति की प्रांतीय अध्यक्ष हर्षा पुरेकर एवं मुंबई शाखा की उपाध्यक्ष सीमा देशपांडे ने इस फिल्म के ट्रेलर में, भी आपत्तिजनक दृश्य, अत्यधिक हिंसा, बाल कलाकारों द्वारा अपशब्दों का प्रयोग दिखाए जाने पर भी क्रोध व्यक्त किया है।


इस फिल्म का ट्रेलर यू ट्युब पर जारी हुआ है और इसमें, नाबालिगों को यौन कृत्यों तथा में अत्यधिक लिप्त और अश्लील भाषाओं का उपयोग करते दिखाया गया है। इसके साथ ही इस फिल्म में निकट संबंधी महिला के साथ  अनैतिक कार्य भी दिखाए गए हैं। इसमें, मुंबई के मिलों में काम करनेवाली महिला कर्मचारियों और उनके परिवारों का बहुत ही विकृत चित्रण किया गया है।

ट्रेलर में यह स्पष्ट नहीं है कि फिल्म को सेंसर बोर्ड ने किस श्रेणी का  सर्टिफिकेट दिया है। इस प्रकार, यह न केवल POCSO  सहित भारत के अन्य कानूनों का उल्लंघन है, बल्कि सभी नैतिक सीमाओं का भी उलंघन है।

महिला सशक्तिकरण के लिए काम करने वाली संस्था भारतीय महिला शक्ति ने सेंसर बोर्ड, महिला एवं बाल कल्याण मंत्रालय, बाल अधिकार आयोग, राष्ट्रीय महिला आयोग और सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय ,साइबर सेल और पुलिस में इस फिल्म के विरुद्ध आपत्ति दर्ज कराई है।

महिलाओं और बच्चों के मुद्दों पर काम करने वाले विभिन्न संगठनों ने भी ट्रेलर का कड़ा विरोध किया है।बाल अधिकार आयोग ने भारतीय नारी शक्ति की शिकायत को लेकर सेंसर बोर्ड, महाराष्ट्र पुलिस और शिकायत प्रकोष्ठ को नोटिस भेजा है। राष्ट्रीय महिला आयोग की रेखा शर्मा ने भी इस पर संज्ञान लिया। साइबर सेल में नजर आने के बाद इनकी कार्रवाई भी शुरू हो गई हैl अनेक नागरिक भी इस ट्रेलर के खिलाफ गुस्सा और विरोध व्यक्त कर रहे हैं । दुर्गा वाहिनी, एबीवीपी, विद्या भारती, सहकार भारती, चेंबूर विद्या समिति, संस्कार भारती, विभिन्न संगठन फिल्मांकन का विरोध कर रहे हैं।

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