News

‘परिंदा’ और ‘तू स्टेटस” जैसी फिल्मों के लेखक शिव सुब्रह्मण्यम का निधन

हिंदी सिनेमा में ‘डार्क सब्जेक्ट ‘ के सिद्ध लेखक और अभिनेता शिव कुमार सुब्रह्मण्यम का कल देर रात निधन हो गया।  उन्होने अपने करियर का प्रारम्भ ‘ परिंदा ‘ के पटकथा लेखन से किया था जिसके लिए उनको सर्वश्रेष्ठ पटकथा लेखक का अवार्ड मिला। उन्होने ‘हज़ारों ख्वाहिशें ऐसी ‘ के लिए सर्वश्रेष्ठ कथालेखक का सम्मान भी प्राप्त किया।”इस रात की सुबह नहीं ‘ के लेखक शिव ने अभिनेता के रूप में तमिल फिल्मोद्योग में १९७५ -७६ में काम प्रारम्भ किया और लेखक – अभिनेता के रूप में वे जीवन भर सक्रिय रहे।कमीने, द्रोहकाल, 2 स्टेट्स, हिचकी, तू है मेरा संडे और मीनाक्षी सुंदेश्वर जैसी फिल्मों के जरिए भी शिव सुब्रमण्यम चर्चा में रहे थे।उनका अंतिम संस्कार आज सुबह ११  बजे मोक्षधाम हिंदू शमशानभूमि, सीजर रोड, अंबोली, अंधेरी पश्चिम मुंबई,में किया गया।

शिव कुमार सुब्रमण्यम का जन्म कोयंबटूर में हुआ था। उन्होंने १९८९  में विधु विनोद चोपड़ा की फिल्म ‘परिंदा’ की स्क्रिप्ट लिखने के साथ फिल्मों में अपनी यात्रा शुरू की थी। विधु विनोद चोपड़ा द्वारा निर्देशित परिंदा में जैकी श्रॉफ, अनिल कपूर, माधुरी दीक्षित, नाना पाटेकर और अनुपम खेर जैसे कलाकार हैं। उन्हें १९४२ : ए लव स्टोरी, इस रात की सुबह नहीं, अर्जुन पंडित, चमेली, हजारों ख्वाहिशें ऐसी और तीन पत्ती जैसी फिल्मों के लिए शानदार लेखक का भी श्रेय दिया जाता है। सुब्रमण्यम ने हजारों ख्वाहिशें ऐसी और परिंदा के लिए सर्वश्रेष्ठ कहानी और सर्वश्रेष्ठ स्क्रिप्ट के लिए फिल्मफेयर अवॉर्ड जीता।

शिव को १९७७ में तमिल फिल्म ‘अन्नाकिल्ली’ और ‘अट्टुकारा अलामेलु’ के लिए फिल्म फेयर बेस्ट एक्टर अवॉर्ड के लिए नॉमिनेट किया गया।वर्ष १९७६  में उनको ‘रोसाप्पो रवीक्कई कारी’ फिल्म के लिए बेस्ट एक्टर का फिल्मफेयर अवॉर्ड मिला। इसके अलावा उन्होंने ‘वंडीचक्करम’ के लिए भी बेस्ट एक्टर का अवॉर्ड जीता। सुब्रहमण्यम ने तमिलनाडु राज्य फिल्म पुरस्कार की श्रेणी में १९७९ में ‘अवलु अवान अवु’ के लिए और १९८२ में ‘अग्नि साक्षी’ के लिए सर्वश्रेष्ठ अभिनेता का पुरस्कार जीता।अपने शानदार करियर के दौरान उन्हें परिंदा के लिए सर्वश्रेष्ठ पटकथा के लिए फिल्मफेयर पुरस्कार और हज़ारों ख्वाहिशें ऐसी के लिए सर्वश्रेष्ठ कहानी से सम्मानित किया गया। बाद में सुब्रमण्यम ने हिंदी फिल्मों में ऑनस्क्रीन भी सहायक भूमिकाएं निभाई हैं। वह २  स्टेट्स, नेल पॉलिश, रॉकी हैंडसम, हिचकी, हैप्पी जर्नी, रिस्क, प्रहार, उंगली, बैंगिस्तान, कमीने, स्टेनली का डब्बा और बहुत कुछ जैसी फिल्मों में दिखाई दिए। अभिनेता और पटकथा लेखक  शिव कुमार सुब्रमण्यम जैसे प्रतिभाशाली कलाकार को आखिरी बार मीनाक्षी सुंदरेश्वर में सान्या मल्होत्रा के ऑनस्क्रीन पिता की भूमिका में देखा गया था।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published.

Back to top button