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हिंदुद्रोही फिल्ममेकर लीना अर्बन- नक्सल गैंग की प्रमुख सदस्य है

राजेश झा

अपनी डॉक्यूमेंट्री फिल्म ‘काली’ के पोस्टर को लेकर विवादों में घिरी भारतीय मूल की टोरंटो निवासी फिल्मकार लीना मणिमेकलाई मूलतः अर्बन नक्सल गैंग की हिन्दू -फोबिया से ग्रसित कवयित्री -अभिनेत्री और फिल्मकार है। २०१४ में उसने मोदी के प्रधानमंत्री बनाने पर अपना भारत का पासपोर्ट -राशनकार्ड -आधारकार्ड और पेनकार्ड वापस करने की घोषणा की थी,हालाँकि उसपर अम्ल नहीं किया। लीना मणिमेकलाई अर्बन नक्सल गैंग की सदस्य है। इसने बारवरा राव,सुधा भारद्वाज, उमर खालिद , संजीव भट्ट , तीस्ता शीतलवाड़ ,आनंद तेलतुंबड़े , जुबैर आदि भारतद्रोहियों की गिरफ्तारी का विरोध भी किया है। लीना फैक्ट चेकर और अल्ट न्यूज के संस्थापक सदस्य मोहम्मद जुबेर की गिरफ्तारी का विरोध कर चुकी है। लीना ने जुबेर की रिहाई के समर्थन में अभियान चलाया था। लीना ने जुबेर के समर्थन में २८ जून,२०२२ को एक ट्वीट किया, जिसमें उन्होंने बीजेपी द्वारा पूरे देश को एक जेल बना देने के प्रयास के आरोप के साथ मोहम्मद जुबेर की तत्काल रिहाई की मांगी की थी। गौरतलब है कि मोहम्मद जुबेर ही वह व्यक्ति है, जिसने नूपुर शर्मा के बयान का एडिटेड वीडियो शेयर किया। इसके बाद देश और विदेश में हंगाम खड़ा हो गया। इसकी वजह से कई लोगों की जान जा चुकी है।

लीना अविवाहित है। सोशल मीडिया पर वह भाजपा सरकार के प्रति गलीच पोस्टिंग करती रही है। वह खुद को एलजीबीटी समर्थक बताती हैं और स्वयं को बाईसेक्सुअल कहती है।उसने अंजलि गोपालन के साथ जुलाई २०१२ में सृष्टि मदुरै के गोपी शंकर मदुरै द्वारा आयोजित एशिया की पहली जेंडरक्वीअर प्राइड परेड का समर्थन किया था। समलैंगिक प्रेम पर तमिल में उसकी कविता संग्रह अंथराकन्नी है।

सोशल मीडिया पर फिल्म ” काली” की तस्वीर सामने आने के बाद लोगों का गुस्सा फूट पड़ा और लीना को गिरफ्तार करने की मांग उठने लगी। पूरे विवाद की शुरुआत दो जुलाई को हुई जब ‘अंडर द टेंट प्रोजेक्ट’ के तहत फिल्म निर्माता लीना मणिमेकलई ने डॉक्यूमेंटरी फिल्म काली का पोस्टर रिलीज किया। इस फिल्म में मां काली बनी एक महिला के एक हाथ में त्रिशूल था तो दूसरे हाथ में एलजीबीटी समुदाय का झंडा था। इसके अलावा उन्हें सिगरेट पीते हुए दिखाया गया था। इसका विरोध होने पर भारतीय उच्चायुक्त ने अपना विरोध दर्ज कराया जिससे टोरंटो में होने जा रहे फिल्मोत्सव से उसकी फिल्म को हटाए जाने की संभावना हैं।

लीना का जन्म तमिलनाडु के मदुरै में हुआ था। वह फिल्म बनाने के अलावा कविताएं लिखती हैं और ऐक्टिंग भी करती हैं। उन्होंने ज्यादातर डॉक्यूमेंट्री फिल्में बनाई हैं जिन्हें कई विदेशी फिल्म फेस्टिवल्स में प्रदर्शित किया गया है। लीना ने कुछ समय तक मेनस्ट्रीम सिनेमा में असिस्टेंट डायरेक्टर के तौर पर भी काम किया है। इसके बाद उनकी पहली डॉक्यूमेंट्री महात्मा रिलीज हुई थी। इसके बाद लीना ने दलित, महिलाओं, ग्रामीण और एल जी बी टी क्यू समुदाय से जुड़ी समस्याओं पर शॉर्ट मूवीज और डॉक्यूमेंट्री बनाई हैं।अभिनेत्री के रूप में लीना ने चार शॉर्ट फिल्मों ‘चेल्लम्मा’, ‘लव लॉस्ट’, ‘द वाइट कैट’ और ‘सेनगडल द डेड सी’ में काम किया है। उसने २००२ में शॉर्ट डॉक्यूमेंट्री मथम्मा के साथ अपने करियर की शुरुआत की थी।

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