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अजमेर शरीफ के बदमाश ‘दरगाह के खाबिन्द’

२५० से अधिक स्कूल- कॉलेज की छात्रों और आई ए एस – आई पी एस अफसरों की पत्नियों से महीनों करते रहे गैंगरेप ‘ दरगाह के खाबिन्द ‘ वर्ष १९९२ में अजमेर शरीफ में होनेवाली बदमाशियों से पर्दा उठा तो सभी सन्न रह गए। मामला अदालतों में लगभग २९ वर्षों तक खींचा किन्तु अपराधियों को सजा नहीं मिली , वे ऊपरी अदालतों से जमानत पर छूटे हुए हैं। अब राजस्थान पुलिस हिस्ट्रीशीटर सलमान चिश्ती को बचाने में लगी है।

राजेश झा

वर्ष १९९२ में अजमेर शरीफ में होनेवाली बदमाशियों से पर्दा उठा तो सभी सन्न रह गए। मोइनुद्दीन चिश्ती की दरगाह के खाबिन्दों ने गैंगरेप की ऐसी घटनाओं को अंजाम दिया जिसमें २५० से अधिक स्कूली बच्चियों ,कॉलेज की छात्राओं और प्रशासनिक सेवा के अनेक अधिकारियों की पत्नियों के साथ महीनों फार्महाउस में ख्वाजा मोइनुद्दीन चिश्ती की दरगाह के खाबिन्दों ने बलात्कार किया था। उन बलात्कारियों को कांग्रेसी नेताओं और मंत्रियों ने बचाने की जबरदस्त कोशिश की थी। यह मामला अदालतों में लगभग २९ वर्षों तक खींचा किन्तु अपराधियों को सजा नहीं मिली , वे ऊपरी अदालतों से जमानत पर छूटे हुए हैं। इसका दर्दनाक पहलू यह है कि एक पीड़िता ने न्यायाधीश को लताड़ते हुए कहा – ‘इस केस को बंद कर दो ,मेरे नाती -पोतों से आँखें नहीं मिला पा रही हूँ , किस -किस को बताऊँ कि दरिंदों ने मुझपर कितने जुल्म ढाये , मैं कितनी मासूम थी ‘।

दो दिनों से सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हो रहा है जिसमें पुलिस ने अजमेर के ख्वाजा गरीबनवाज की दरगाह के एक खाबिन्द को गिरफ्तार किया है। वायरल वीडियो में कुछ पुलिस वाले सलमान चिश्ती को समझाते नजर आ रहे हैं। पुलिस ने चिश्ती से कहा कि ‘तू यही कहना की नशे में था ताकि तेरा बचाव हो जाए’ किन्तु गिरफ्तार मनबढ़ खाबिन्द सलमान चिश्ती कहता है कि वह कोई नशा नहीं करता उसने नूपुर शर्मा की हत्या करनेवाले को अपना घर दे देने की बात पूरे होशोहवाश में की है। वीडियो वायरल होने के बाद प्रशासन एक्शन में आ गया। रिपोर्ट के मुताबिक इस वायरल वीडियो के बाद दरगाह थाना के सीओ संदीप सारस्वत को हटा दिया गया है। बताया गया कि करीब दो मिनट पचास सेकंड के इस वीडियो में संदीप सारस्वत ही सलमान को समझाते नजर आ रहे थे।

   बेलगाम सलमान चिश्ती ने अगर राजस्थान पुलिस को घुड़की दी और डंके की चोट पर कहा कि  उसने नूपुर शर्मा की हत्या की सुपारी दी है और वह हत्यारे को अपना घर दे देगा तो इसमें अचरज की बात नहीं है क्योंकि अजमेर स्थित 'ख्वाजा गरीबनवाज मोइनुद्दीन चिश्ती' के दरगाह के खाबिन्दों का आपराधिक इतिहास रहा है। ये लोग लूट ,हत्या , बलात्कार ,गैंग रेप जैसी सैंकड़ों घटनाओं शामिल हैं ,स्वयं सलमान १३ गंभीर अपराधों में लिप्त रहा है और उसको अजमेर दरगाह थाना हिस्ट्रीशीटर कहता है।      

दरगाह शरीफ थाने की पुलिस ने कहा है कि वीडियो में दिखाई दे रहा खादिम दरगाह थाने का हिस्ट्रीशीटर भी है, जिस पर कई मामले दर्ज हैं। हिस्ट्रीशीटर ने अपना नाम सलमान बताया है। वीडियो में यह शख्स कहता है कि समय अब पहले जैसा नहीं रहा वरना मैं बोलता नहीं। सलमान कहता है कि मुझे कसम है मेरी मां की मैं उसे सरेआम गोली मार देता, मेरे बच्चों की कसम मैं उसे गोली मार देता, और आज भी सीना ठोक कर कहता हूं जो भी नुपुर शर्मा की गर्दन लाएगा मैं उसे यह अपना घर दे जाऊंगा ओर रास्ते पर निकल जाऊंगा।

दरगाह पुलिस थाने के एसएचओ दलवीर सिंह फौजदार ने कहा कि आरोपी सलमान चिश्ती की आपराधिक पृष्ठभूमि है। वह अजमेर दरगाह का खादिम है और ‘हत्या’ तथा ‘हत्या की कोशिश’ करने के 13 मामले उसके विरुद्ध दर्ज हैं। वह दरगाह थाने का हिस्ट्रीशीटर भी है।उल्लेखनीय है , सूफी दरगाह का जिक्र करते हुए उसने वीडियो में कहा, ‘आपको सभी मुस्लिम देशों को जवाब देना होगा। यह मैं राजस्थान के अजमेर से कह रहा हूं और यह संदेश हुजूर ख्वाजा बाबा के दरबार का है।

हालाँकि अजमेर दरगाह शरीफ के गद्दीनशीन और मोइनुद्दीन चिश्ती के १९वीं पीढ़ी के उत्तराधिकारी दीवान ज़ैनुल आबेदीन अली खान ने सलमान चिश्ती के वीडियो की निंदा की और कहा कि प्रसिद्ध दरगाह को सांप्रदायिक सद्भाव के स्थान के रूप में देखा जाता है। वीडियो में ‘खादीम’ द्वारा व्यक्त किए गए विचारों को दरगाह का संदेश नहीं माना जा सकता है , यह टिप्पणी सलामन का व्यक्तिगत बयान है और बेहद निंदनीय है किन्तु इसका कोई राजनीतिक महत्त्व भले निकला जाय व्यावहारिक स्तर पर इसका कोई प्रभाव खाबिन्दों पर नहीं पड़नेवाला। जैनुअल ख्वाजा मोइनुद्दीन चिश्ती का वंशज और गाड़ी का मालिक जरूर है किन्तु खाबिन्दों पर उसका नियंत्रण बिलकुल नहीं है। उन्होने स्वयं खाबिन्दों से अपनी जान माल की सुरक्षा की मांग सरकार से लगातार की है। वह सुरक्षा घेरे में ही रहते हैं और उस दरगाह में भी नहीं जाते जिसके वे गद्दीनशीन हैं।

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