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शांतिश्री धूलिपुड़ी पंडित जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (जेएनयू) की पहली महिला कुलपति होंगी

“राष्ट्रपति और विश्वविद्यालय के कुलाधिपति रामनाथ कोविंद ने जेएनयू के कुलपति के तौर पर शांतिश्री धुलिपुड़ी की नियुक्ति को मंजूरी दी है. उनकी नियुक्ति पांच वर्षों के लिये होगी.” वर्तमान में महाराष्ट्र में सावित्रीबाई फुले विश्वविद्यालय की कुलपति हैं. जेएनयू की पूर्व छात्रा भी हैं, जहां से उन्होंने एमफिल के साथ-साथ अंतरराष्ट्रीय संबंधों में पीएचडी की उपाधि हासिल की है. पंडित ने अपने करियर की शुरुआत 1988 में गोवा विश्वविद्यालय से की और 1993 में पुणे विश्वविद्यालय चली गईं. उन्होंने विभिन्न शैक्षणिक निकायों में प्रशासनिक पदों पर कार्य किया है.


पंडित ने कई पुस्तिकाएं और तीन पुस्तक भी प्रकाशित की हैं। और राजनीति विज्ञान और विदेश नीति पर प्रतिष्ठित पत्रिकाओं में 180 से अधिक शोध पत्र और प्रकाशन उनके द्वारा प्रकाशित किए हैं।
हालांकि किसान आंदोलन समेत अन्य मुद्दों पर आपत्तिजनक ट्वीट करने वाले प्रो. पंडित की नियुक्ति ने एक नया विवाद खड़ा कर दिया है, पता चला कि उनका ट्विटर अकाउंट सोमवार रात को सस्पेंड कर दिया गया। जेएनयू के वाइस चांसलर डॉ. जगदीश कुमार का कार्यकाल कुछ महीने पहले समाप्त हुआ था। इसके बाद विश्वविद्यालय के कुलपति के चयन की प्रक्रिया शुरू हुई.


डॉ। जगदीश कुमार को प्रभारी कुलपति के रूप में जिम्मेदारी दी गई थी । कुछ दिन पहले डॉ. जगदीश कुमार को विश्वविद्यालय अनुदान आयोग का अध्यक्ष चुना गया। इस पृष्ठभूमि में डॉ. पंडित को सोमवार को जेएनयू का कुलपति घोषित किया गया।


डॉ। पंडित ने इससे पहले शहरी नक्सलवाद, किसान आंदोलन जैसे मुद्दों पर विवादित ट्वीट किया था, एक ट्वीट में उन्होंने वाम-उदारवादियों की तुलना ‘जिहादियों’ से की थी। कई लोगों ने डॉ पंडित के एक पुराने ट्वीट के आधार पर नियुक्ति पर आपत्ति जताई है.


पहली महिला कुलपति होने के कारण शांतिश्री धूलिपुड़ी पंडित उन्हें अपने दायित्व निर्वहन सबको साथ लेकर करना होगा। और भविष्य मैं विवादो मैं न उलझते हुए उच्च शिक्षा तथा गुणवत्ता पर ध्यान देंना होगा।

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