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हिन्दुओं को ‘हलुआ’ समझते हैं,लिबरल-अर्बन नक्सल भारतद्रोही

राजेश झा

कनाडा में निर्मित डॉक्यूमेंट्री फिल्म ‘काली’ के पोस्टर का भारत में काफी विरोध हो रहा है। फिल्ममेकर लीना मणिमेकलई ने ‘काली’ नाम से एक डॉक्यूमेंट्री बनाई है, जिसके पोस्टर में एक महिला को हिंदू देवी ” काली ” के रूप में सज्जित करके उसको सिगरेट पीते हुए दिखाया गया है। ‘काली’ की प्रतिरूप बनी उस महिला के एक हाथ में एलजीबीटी समुदाय का झंडा भी दिखाया गया है। इस पोस्टर का भारत में काफी विरोध हो रहा है पर इस विरोध से ऐसा नहीं होने जा रहा है कि ‘ लिबरल -अर्बन नक्सल भारतद्रोही’ लोग हिन्दुओं को चिढ़ाने और उनके आराध्यों को नीचा दिखाने तथा भारत का वातावरण तनावपूर्ण बनाने से बाज आएंगे।इसका कारण यह है कि हिन्दूको कृष्ण की तरह शिशुपाल की एक सौ अपराधों के पूर्ण होने जकी प्रतीक्षा रहती है।यह शिशुपाल कभी फिल्मकार तो कभी कॉर्पोरेट या किसी विश्वविद्यालय का प्राध्यापक अथवा राजनीतिक पार्टियों के रूप में सामने आकर हिन्दुओं को अपमानित करते रहता हैं।

लीना मणिमेकलई की डॉक्यूमेंट्री फिल्म में भी जिस तरह हिंदू देवी-देवताओं का मजाक उड़ाया गया है, उससे लोगों की भावनाएं आहत हुई हैं। फिल्म के एक पोस्टर में देवी काली का रूप धरे एक्ट्रेस सिगरेट पीती नजर आ रही है।उसके दूसरे हाथ में लेस्बियन -गे -बायसेक्सुअल -ट्रांसजेंडर -किन्नर (LGBTQ) समुदाय का झंडा भी है। वैसे, लीना मणिमेकलई ने इस तरह की फिल्म बनाकर पहली बार हिंदुओं की आस्था से खिलवाड़ नहीं किया है। पहले भी बॉलीवुड में इस तरह की फिल्में बनती रही हैं।हिंदू देवी-देवताओं का अपमानजनक चित्रण कोई नई बात नहीं है।कुछ लोग हिंदू देवी देवताओं पर आपत्तिजनक टिप्पणी करने में ही अपनी शान समझते हैं। भगवान शिव और भगवान राम का मज़ाक उड़ना, दुर्गा माता अथवा काली माता और सीता माता पर अश्लील टिप्पणी करना, रावण और महिषासुर जैसे राक्षसों को नायक अथवा पीड़ित बताना.. ये सब तो स्वाधीनता के बाद से ही हो रहा है हमारे देश में। हिंदुओं की आस्थाओं का अपमान करने में सिर्फ सेलेब्रिटी ही नहीं, पॉलिटिशयन भी शामिल हैं। आगे इसके कारण और निवारण पर बात करने से पहले आवश्यक है कि हाल के दिनों में हिन्दुओं के अपमान करनेवाली घटनाओं पर दॄष्टिपात कर ली जाय।

फिल्म ” सेक्सी दुर्गा ” के टाइटल को लेकर जमकर बवाल हुआ था। बाद में सेंसर बोर्ड ने फिल्म का नाम ‘एस दुर्गा’ करवा दिया था। इसके साथ ही सेंसर बोर्ड ने इस फिल्म में 21 ऑडियो कट लगाते हुए इसे U/A सर्टिफिकेट दिया था।उस फिल्म में राजश्री देशपांडे लीड रोल में हैं। बंगाली फिल्म अभिनेत्री सायोनी घोष ने अपने ट्विटर प्रोफाइल पर बेहद आपत्तिजनक कार्टून साझा किया था। जब उसे कार्रवाई की धमकी दी गई, तो उसने दावा किया कि उसका अकाउंट हैक कर लिया गया था। बाद में तृणमूल कांग्रेस ने हिन्दुओं को नीचे दिखाने के लिए उन्हें विधानसभा चुनाव का टिकट भी दिया। अमीर खान अभिनीत ‘पीके’ जैसी फिल्में सिर्फ हिंदू धर्म की आलोचना करते हुए बनाई जा सकती हैं। अनुराग बसु की फिल्म लूडो में सांकेतिक रूप से हिन्दू संस्कृति को चोट पहुँचाने की कोशिश की गई। इस फिल्म में स्वांग रचने वाले तीन लोगों को ब्रह्मा, विष्णु, महेश का रूप बना सड़क पर नाचते-कूदते दिखाया गया है। इतना ही नहीं, एक सीन में तो भगवान शंकर और महाकाली को गाड़ी में धक्का लगाते हुए भी दिखाया गया है।

अमेजन प्राइम वीडियो पर वेब सीरीज ‘तांडव’ के कुछ दृश्यों में हिंदु देवी-देवताओं का अपमान किया गया था। इस दृश्य को देखकर दर्शकों की भावनाएं आहत हुई थीं और बाद में अमेजन ने एक बयान जारी कर इस ‘आपत्तिजनक दृश्य पर’ माफी मांगी थी।वेब सीरीज तांडव को लेकर अब विवाद गंभीर होता जा रहा है, आपको बता दे की वेब सीरीज में कई ऐसी जगहों पर लोगों का दावा है की हिन्दू देवी देवताओं का मजाक उड़ाया गया है। वेब सीरिज ए सूटेबल ब्वॉय में मंदिर प्रांगण में अश्लील सीन फिल्माने के साथ ही लव जिहाद को बढ़ावा देने का आरोप लगा। इस फिल्म को लेकर हिंदू संगठनों ने जमकर विरोध किया था। कथित कॉमेडियन मुनव्वर फारूकी द्वारा 2002 में गोधरा ट्रेन जलाने की घटना में मारे गए 59 कारसेवकों और माँ सीता के खिलाफ की गई अपमानजनक टिप्पणी को कोई कैसे भूल सकता है।बेहूदा हेयर स्टाइलिस्ट जावेद हबीब ने 2017 में अपने सैलून के लिए एक समाचार पत्र में दिए गए विज्ञापन में ‘‘हिंदू देवी देवताओं’’ का अपमान किया था।

( कल भी जारी )

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