विभाजन के बाद पाकिस्तान में हिंदू और सिख बच्चे खाने और पानी के लिए मरते रहे। निर्वासितों की ट्रेनें भर-भरकर भारत आती रहीं। बदन पर मौजूद कपड़ों में ही भारत आए निर्वासित खुले आसमान के नीचे सोते रहे। अपना सब कुछ पाकिस्तान में छोड़ आए भारतीयों कि रोटी-दाल परोसकर की गई सेवा।