HinduismNews

जब रावलपिंडी में पड़ोसी ही पराये हो गए..

रावलपिंडी में हिंदुओ और सिखों ने जिन पड़ोसियों को चाचा, भाई, मामा माना, जिनके साथ मिलकर त्योहार मनाए, उन्हीं लोगोंका देखने का नजरिया बँटवारे के फैसले से कैसे बदल गया। जानते हैं…..

Back to top button